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सिक्किम: नामची में पारंपरिक 'रांक मेले' की धूम, 'रांक भूत' को देखने उमड़ी पर्यटकों की भारी भीड़



गंगटोक/नामची, 20 जुलाई: दक्षिण सिक्किम के प्रसिद्ध शहर नामची में हर साल की तरह इस बार भी पारंपरिक 'रांक मेला' (Rangke Mela) बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस मेले का मुख्य आकर्षण 'रांक भूत' (Rangke Bhoot) रहा, जिसे देखने के लिए सिक्किम में देश-विदेश से आए पर्यटकों का तांता लग गया।

​18वीं शताब्दी से चली आ रही है परंपरा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर सिक्किम का यह उत्सव 18वीं शताब्दी में शुरू हुआ था। माना जाता है कि उस समय सिक्किम के महाराजा और नामची के काजियों के निर्देश पर प्रजा के कल्याण और सुख-समृद्धि के लिए इस मेले का आयोजन शुरू किया गया था। सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और सांस्कृतिक निष्ठा के साथ निभाई जा रही है। हाल ही में दो दिवसीय यह भव्य उत्सव संपन्न हुआ है।

​क्या है 'रांक भूत' का स्वरूप और प्रतीक? स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, रांक भूत का स्वरूप बेहद विशाल और डरावना होता है—

​रूप-रंग: विशालकाय शरीर, गहरा काला रंग और घने घुंघराले बाल। विशेषताएँ: आंग के गोले की तरह धधकती हुई आँखें और बाहर निकले बड़े-बड़े दाँत। हालाँकि, यह केवल एक काल्पनिक राक्षस या भूत नहीं है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, 'रांक भूत' वास्तव में दुखों, बीमारियों, महामारी, भय और दुर्भाग्य का प्रतीक माना जाता है।

​शुभ शक्ति के आगमन का विश्वास पहाड़ी जनजातियों का अटूट विश्वास है कि वर्षा ऋतु की शुरुआत में (श्रावणी संक्रांति के अवसर पर) इस दैत्य रूपी भूत का पुतला बनाकर शहर की सड़कों पर घुमाया जाता है और अंत में इसे जला दिया जाता है। रांक भूत को अग्नि में भस्म करने के साथ ही सभी तरह की नकारात्मक और अनिष्टकारी शक्तियों का नाश हो जाता है तथा समाज में शुभ शक्तियों, उत्तम स्वास्थ्य और अच्छी फसल का आगमन होता है।

​इस वर्ष की थीम: "अतीत की विरासत से विश्व को प्रेरणा"

​इस वर्ष रांक मेले का मुख्य विषय (Theme) "अतीत की समृद्ध विरासत से दुनिया को प्रेरित करना" था। उत्सव के दौरान पारंपरिक परिधानों में सजे लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों, डरावने किंतु कलात्मक मुखौटों और मनमोहक लोक संगीत ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सिक्किम की समृद्ध लोक संस्कृति और प्राचीन परंपराओं को करीब से अनुभव करने के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग नामची पहुँचते हैं।

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