प्राकृतिक आपदा: असम के कई जिलों में तूफान का कहर, येलो अलर्ट जारी
गुवाहाटी 22 अप्रैल: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण गुवाहाटी महानगर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कृत्रिम बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, राज्य के विभिन्न जिलों में तेज आंधी-तूफान और चक्रवाती प्रभाव के चलते व्यापक नुकसान की खबरें सामने आई हैं।
केंद्र के भूविज्ञान मंत्रालय के अधीन मौसम विभाग ने असम के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट (पीली चेतावनी) जारी किया है। गुवाहाटी क्षेत्रीय मौसम केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। येलो अलर्ट का अर्थ है कि मौसम बिगड़ सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यह लाल या नारंगी अलर्ट जितना खतरनाक नहीं होता, लेकिन मध्यम से भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को दर्शाता है।
बुधवार शाम को भी भारी बारिश के कारण गुवाहाटी के कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, बराक घाटी में भी तूफान ने भारी तबाही मचाई है।
गोआलपाड़ा जिले के कृष्णाई क्षेत्र में तेज आंधी के कारण कई गांव प्रभावित हुए हैं। बड़े-बड़े पेड़ गिरने से सड़क संपर्क बाधित हो गया है और बिजली के खंभे उखड़ जाने से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
कालबैशाखी तूफान के चलते उदारबंद क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से इलाके अंधेरे में डूब गए। हालांकि, बिजली विभाग युद्धस्तर पर काम करते हुए सेवाएं बहाल करने में जुटा हुआ है।
उधर, बरपेटा जिले में भी आंधी और ओलावृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है। गोरमारी क्षेत्र में धान, जूट और मक्का जैसी फसलों के साथ-साथ सब्जियों को भी भारी क्षति पहुंची है। पेड़ गिरने और बिजली के खंभे टूटने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।


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