Header Ads

https://drive.google.com/file/d/1KYvwcVfpdZA0pOa_z8Gqbqub5aWa8YEk/view?usp=sharing.jpg

‘असम संगीत’ — एक दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति शीघ्र रिलीज़ पर


 
गुवाहाटी 27 मार्च: असम के महान साहित्यकार लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष दृश्य-श्रव्य प्रस्तुति ‘असम संगीत’ शीघ्र ही दर्शकों के सामने लाई जाएगी। यह प्रस्तुति ‘सृष्टिरूपा’ के सौजन्य से ‘ओ मोर आपुनार देश’ कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार की गई है।
उल्लेखनीय है कि लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ का निधन 26 मार्च 1938 को डिब्रूगढ़ में हुआ था। उनकी स्मृति में प्रस्तुत इस कार्यक्रम में ‘असम संगीत’ के 48 पंक्तियों वाले पूर्ण गीत को शामिल किया गया है। इस परियोजना का निर्माण कल्पना राजकुमार द्वारा तथा निर्देशन बंदना तालुकदार द्वारा किया गया है।
लक्ष्मीनाथ बेजबरुआ आधुनिक असमिया साहित्य के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं। उन्हें ‘रसों के राजा’ के रूप में भी सम्मानित किया जाता है। उन्होंने असमिया भाषा और साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन के बाद असम के साहित्यिक जगत में एक गहरा शून्य उत्पन्न हुआ था।
मुख्य तथ्य:
जन्म: 14 अक्टूबर 1864
मृत्यु: 26 मार्च 1938
स्थान: डिब्रूगढ़, असम
बेजबरुआ को असमिया लघुकथा के जनक, नाटककार, कवि और उपन्यासकार के रूप में जाना जाता है। उनकी रचनाओं ने असमिया समाज और संस्कृति को नई पहचान दी।
यह विशेष प्रस्तुति जल्द ही आम जनता के लिए जारी की जाएगी।

No comments

Powered by Blogger.