रंगों के उत्सव में डूबा पूरा राज्य, राज्यभर में होली का उत्सव मनाया गया
गुवाहाटी, 3 मार्च: रंगों के उत्सव में आज पूरा राज्य सराबोर हो गया। राज्यभर में लोगों ने हर्षोल्लास के साथ होली का पर्व मनाया। अबीर के रंगों से चारों ओर का वातावरण रंगीन हो उठा। होली के गीतों से बरपेटा, बटद्रवा और माजुली के सत्र गूंज उठे।
होली हमें एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देती है, जो हमारी संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाता है। यह पर्व असमिया समाज, संस्कृति, धार्मिक भावधारा और आध्यात्मिक परंपरा को भी प्रतिबिंबित करता है। वैष्णव धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के साथ होली खेली थी। उसी परंपरा और विरासत का सम्मान करते हुए पूरे राज्य में होली का उत्सव मनाया जाता है। असम की यह होली वैष्णव धार्मिक चेतना से गहराई से जुड़ी हुई है।
होली के अवसर पर राज्य के सभी नामघर और सत्रों में कीर्तन, नाम-प्रसंग और भावनाओं (भाओना) का आयोजन किया गया। विशेष रूप से बरपेटा सत्र और बटद्रवा थान में पारंपरिक रूप से होली उत्सव मनाया जाता है। इन स्थानों पर होली के अवसर पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। सभी ने एक साथ मिलकर होली का उत्सव मनाया। राज्य के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे के साथ होली खेली, भक्ति गीत गाए और आनंद एवं उल्लास के साथ इस पर्व को मनाया।
गुवाहाटी, 3 मार्च: रंगों के उत्सव में आज पूरा राज्य सराबोर हो गया। राज्यभर में लोगों ने हर्षोल्लास के साथ होली का पर्व मनाया। अबीर के रंगों से चारों ओर का वातावरण रंगीन हो उठा। होली के गीतों से बरपेटा, बटद्रवा और माजुली के सत्र गूंज उठे।
होली हमें एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देती है, जो हमारी संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाता है। यह पर्व असमिया समाज, संस्कृति, धार्मिक भावधारा और आध्यात्मिक परंपरा को भी प्रतिबिंबित करता है। वैष्णव धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन में गोपियों के साथ होली खेली थी। उसी परंपरा और विरासत का सम्मान करते हुए पूरे राज्य में होली का उत्सव मनाया जाता है। असम की यह होली वैष्णव धार्मिक चेतना से गहराई से जुड़ी हुई है।
होली के अवसर पर राज्य के सभी नामघर और सत्रों में कीर्तन, नाम-प्रसंग और भावनाओं (भाओना) का आयोजन किया गया। विशेष रूप से बरपेटा सत्र और बटद्रवा थान में पारंपरिक रूप से होली उत्सव मनाया जाता है। इन स्थानों पर होली के अवसर पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी। सभी ने एक साथ मिलकर होली का उत्सव मनाया। राज्य के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे के साथ होली खेली, भक्ति गीत गाए और आनंद एवं उल्लास के साथ इस पर्व को मनाया।

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