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लगातार बारिश से कृत्रिम बाढ़ की चपेट में पांडु-मालीगांव, स्थानीय निवासी बेहाल

 



गुवाहाटी, 12 जुलाई: लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण गुवाहाटी के पांडु-मालीगांव इलाके का एक बड़ा हिस्सा कृत्रिम बाढ़ (जलजमाव) की चपेट में आ गया है। शनिवार और रविवार दोपहर को हुई मूसलाधार बारिश के चलते विभिन्न इलाकों में पानी भर गया, जिससे आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कुछ ही देर की बारिश में सड़कें, आवासीय क्षेत्र और बाजार जलमग्न हो जाने से स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

​सबसे ज्यादा जलजमाव बीबीसी कॉलोनी, शंकर नगर, जॉयमती नगर, सती जॉयमती नगर, लोको कॉलोनी, बीजी कॉलोनी, पांडु बाजार, पांडु पुराना बाजार, बोरीपाड़ा और मालीगांव के कई इलाकों में देखा गया। कई घरों में पानी घुस जाने से लोगों का रोजमर्रा का कामकाज ठप हो गया है, साथ ही वाहनों की आवाजाही में भी भारी समस्या आ रही है।

​​स्थानीय जागरूक नागरिकों का आरोप है कि नालों की लंबे समय से सफाई न होने के कारण बारिश का पानी तेजी से बाहर नहीं निकल पाता है। नतीजतन, जल निकासी का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है और थोड़ी सी बारिश में ही कृत्रिम बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है। हालांकि गुवाहाटी नगर निगम (GMC) समय-समय पर नालों की सफाई का काम करता है, लेकिन कई लोग अपने घरों का कचरा, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य अपशिष्ट नालों में फेंक देते हैं, जिससे प्रशासन के प्रयास काफी हद तक विफल हो जाते हैं।

​इसके अलावा, स्थानीय लोगों का दावा है कि किसी समय पांडु-मालीगांव इलाके में कई बड़े-बड़े जलाशय (पोखर) हुआ करते थे। वर्तमान में, आम लोगों और प्रमोटरों ने उन जलाशयों को मिट्टी से भरकर बहुमंजिला इमारतें और बड़े-बड़े आवासीय परिसर बना लिए हैं। इसके कारण प्राकृतिक जल निकासी के रास्ते बंद हो गए हैं और मामूली बारिश में भी एक विस्तृत इलाका जलमग्न हो जाता है।




 इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों का निर्माण सुनियोजित तरीके से  उपयुक्त कवर लगाकर किया जाना चाहिए, ताकि कचरे के कारण पानी का बहाव न रुके।

​इसके साथ ही उन्होंने नियमित रूप से नालों की सफाई, जलाशयों के संरक्षण और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर देने की अपील की है। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासन और आम जनता के सामूहिक प्रयासों से ही इस पुरानी जलजमाव की समस्या से स्थायी मुक्ति पाना संभव है।

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