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असम की बेटी रूपामोनी गोरह ने रचा इतिहास, माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली राज्य की पहली महिला बनीं


 

गुवाहाटी, 23 मई : असम के लिए गर्व का क्षण तब आया जब लखीमपुर जिले के लीलाबाड़ी की रहने वाली रूपामोनी गोरह ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया। वह माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली असम की पहली महिला बन गई हैं। उन्होंने यह उपलब्धि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की सर्व-महिला अभियान टीम के सदस्य के रूप में हासिल की।

मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने रूपामोनी को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे असम के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “असम की बेटी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचकर राज्य का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि युवाओं को बड़े सपने देखने और नई ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा देगी।”

रूपामोनी एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता जॉयसिंग गोरह खेती करते हैं, जबकि उनकी मां कमलावती आंगनवाड़ी सहायिका हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद रूपामोनी ने अपने बचपन के साहसिक सपनों को कभी नहीं छोड़ा। कला संकाय से स्नातक करने के बाद उन्होंने वर्ष 2020 में आईटीबीपी जॉइन किया और पर्वतारोहण के प्रति अपने जुनून को आगे बढ़ाया।

उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से पूरे असम में खुशी और गर्व का माहौल है। विभिन्न संगठनों और लोगों ने रूपामोनी गोरह की उपलब्धि को राज्य की बेटियों के लिए प्रेरणादायक बताया है।

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