माजुली में जंगली हाथी का हमला: महिला गंभीर रूप से घायल, इलाके में दहशत,
माजुली,6 मई: असम में मानव-हाथी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। लगभग हर दिन कहीं न कहीं से इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं। कभी जंगली हाथियों का झुंड लोगों के घरों को तोड़ देता है, तो कभी किसानों की मेहनत से तैयार की गई फसलों को नष्ट कर देता है। इस बढ़ते संघर्ष ने ग्रामीण इलाकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना दिया है।
इसी कड़ी में इस बार माजुली के शालमारा क्षेत्र में जंगली हाथियों के आतंक की एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां एक बेकाबू जंगली हाथी के हमले में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल महिला की पहचान शालमारा निवासी भूलू कलिता के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि रोज की तरह वह सुबह टहलने के लिए निकली थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी के हमले से महिला को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बुरी तरह घायल हो गईं।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए महिला को बचाया और जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि उनकी हालत बेहद गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जोरहाट मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है।
इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच भारी डर का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली हाथियों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इसी क्रम में होजाई जिले में जंगली हाथियों के आतंक की एक और दुखद घटना सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना हाबाईपुर आरक्षित वन क्षेत्र में हुई, जहां एक बेकाबू जंगली हाथी ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि व्यक्ति उस समय जंगल के पास मौजूद था, तभी अचानक हाथी ने उस पर आक्रमण कर दिया। हमले के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार जंगली हाथियों की आवाजाही बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को आबादी वाले इलाकों से दूर रखने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

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