मदन कामदेव मंदिर, बैहाटा – असम का खजुराहो
गुवाहाटी,22 मार्च:असम के मदन कामदेव मंदिर को राज्य के सबसे प्राचीन और रहस्यमय मंदिर स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर गुवाहाटी से लगभग 40 किलोमीटर दूर बैहाटा चरियाली क्षेत्र में स्थित है और अपनी अद्भुत शिल्पकला तथा ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच हुआ था, हालांकि इसके निर्माण से जुड़ी सटीक जानकारी आज भी स्पष्ट नहीं है। यह स्थल पूरी तरह से पत्थरों से निर्मित है और यहां अनेक छोटे-बड़े मंदिरों के अवशेष पाए जाते हैं। मंदिर परिसर में बिखरी मूर्तियां और शिल्पकृतियां उस समय की उन्नत कला और स्थापत्य कौशल का परिचय देती हैं।
मदन कामदेव मंदिर को “असम का खजुराहो” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां की दीवारों और पत्थरों पर उकेरी गई मूर्तियां प्रेम, सौंदर्य और जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं। विशेष रूप से भगवान कामदेव और रति से जुड़ी कथाओं का प्रभाव इन शिल्पों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह स्थल पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य है। हर साल यहां बड़ी संख्या में लोग इसकी अनोखी बनावट और शांत वातावरण का आनंद लेने आते हैं।
आज भी मदन कामदेव मंदिर अपने भीतर कई रहस्यों को समेटे हुए है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि असम की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी है। राज्य के सबसे प्राचीन और रहस्यमय मंदिर स्थलों में से एक माना जाता है। यह मंदिर गुवाहाटी से लगभग 40 किलोमीटर दूर बैहाटा चरियाली क्षेत्र में स्थित है और अपनी अद्भुत शिल्पकला तथा ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच हुआ था, हालांकि इसके निर्माण से जुड़ी सटीक जानकारी आज भी स्पष्ट नहीं है। यह स्थल पूरी तरह से पत्थरों से निर्मित है और यहां अनेक छोटे-बड़े मंदिरों के अवशेष पाए जाते हैं। मंदिर परिसर में बिखरी मूर्तियां और शिल्पकृतियां उस समय की उन्नत कला और yस्थापत्य कौशल का परिचय देती हैं।
मदन कामदेव मंदिर को “असम का खजुराहो” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां की दीवारों और पत्थरों पर उकेरी गई मूर्तियां प्रेम, सौंदर्य और जीवन के विभिन्न पहलुओं को दर्शाती हैं। विशेष रूप से भगवान कामदेव और रति से जुड़ी कथाओं का प्रभाव इन शिल्पों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह स्थल पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य है। हर साल यहां बड़ी संख्या में लोग इसकी अनोखी बनावट और शांत वातावरण का आनंद लेने आते हैं।
आज भी मदन कामदेव मंदिर अपने भीतर कई रहस्यों को समेटे हुए है। यह न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि असम की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण प्रतीक भी है।



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