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युद्ध के प्रभाव से रसोई गैस संकट, आम लोग और व्यवसायी परेशान


 

गुवाहाटी,22 मार्च, हाल की युद्ध स्थिति के प्रभाव से पूरे भारत में रसोई गैस की गंभीर कमी देखी जा रही है। इस संकट का सीधा असर घरेलू और वाणिज्यिक—दोनों प्रकार के सिलेंडरों की आपूर्ति पर पड़ा है। इसके कारण आम जनता के साथ-साथ छोटे और बड़े खाद्य व्यवसायी भी कठिनाई में हैं।

वाणिज्यिक सिलेंडर की कमी का सबसे अधिक असर होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाने-पीने के व्यवसायों पर पड़ा है। गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण कई बड़े रेस्टोरेंट को अपना मेन्यू कम करना पड़ा है। कई लोकप्रिय व्यंजन अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। दूसरी ओर, मिठाई की दुकानों में भी उत्पादन काफी घट गया है और कई जगहों पर मिठाइयाँ लगभग खत्म हो गई हैं।

सड़क किनारे के फूड स्टॉल और छोटे विक्रेता भी इस संकट से बुरी तरह प्रभावित हैं। गैस की अनुपलब्धता के कारण कई लोग अपना काम बंद करके घर बैठने को मजबूर हो गए हैं, जिससे उनकी रोज़मर्रा की आय पर गंभीर असर पड़ा है।

वहीं, घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में भी समस्या देखी जा रही है। हालांकि कुछ मामलों में एक-दो दिन की देरी से सिलेंडर मिल रहे हैं, लेकिन नियमित आपूर्ति न होने के कारण आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

इस स्थिति के बीच, विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है। मांग बढ़ने के साथ-साथ बाजार में इनके दाम भी काफी बढ़ गए हैं।

कुल मिलाकर, युद्ध के कारण उत्पन्न यह गैस संकट देश की अर्थव्यवस्था और आम जीवन पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती

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