गुवाहाटी, 6 जून 2026: गुवाहाटी, शक्तिपीठ कामाख्या में शनिवार को असम सरकार के मंत्री जयंत मल्ल बरुआ की उपस्थिति में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में कामाख्या मंदिर के दोनों डोलोई, स्थानीय नागरिकों के प्रतिनिधि, जिला आयुक्त तथा चक्र अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित रहे।
बैठक में मुख्य रूप से प्रस्तावित कामाख्या कॉरिडोर के निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने कॉरिडोर परियोजना के संबंध में सभी पक्षों की राय और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा सभी हितधारकों का मत ग्रहण किया।
बैठक के दौरान स्थानीय निवासियों ने अपने घरों और दुकानों से संबंधित विभिन्न समस्याओं को सामने रखा। इसके अलावा, परियोजना के लिए दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर भी कई लोगों ने अपनी आपत्तियां और चिंताएं व्यक्त कीं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि इन सभी मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में आगामी सोमवार को पुनः एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें लंबित विषयों पर आगे चर्चा होगी।
मंत्री जयंत मल्ल बरुआ ने समाचार माध्यमों से बातचीत करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास तथा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए कामाख्या कॉरिडोर की आवश्यकता महसूस की जा रही है और अधिकांश लोग इस परियोजना का समर्थन कर रहे हैं।
इस अवसर पर मंत्री ने आगामी अंबुबाची महायोग की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष कामाख्या मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उनका मानना है कि अगले दो से तीन वर्षों के भीतर यदि कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो जाता है, तो श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधाएं काफी हद तक दूर हो जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष के अंबुबाची महायोग को लेकर आवश्यक सभी तैयारियां पहले ही शुरू कर दी गई हैं और संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
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