गुवाहाटी, 9 जून : असम सरकार ने चाय जनजाति के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक व्यापक पहल शुरू की है। राज्य के विभिन्न चाय बागान क्षेत्रों में अब तक 200 आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 354 चाय बागान अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के विकास और आधुनिकीकरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि चाय श्रमिकों और उनके परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय बागान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने लिखा कि स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से 200 आयुष्मान आरोग्य मंदिर तैयार किए जा चुके हैं, जबकि 354 अस्पतालों के उन्नयन का कार्य प्रगति पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार चाय जनजाति के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि असम के अधिकांश चाय बागान क्षेत्र दूर-दराज़ और ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं, जहां लंबे समय से पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव रहा है। इस समस्या के समाधान और लोगों को उनके निवास क्षेत्र के निकट बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार यह महत्वाकांक्षी योजना लागू कर रही है। इसके माध्यम से चाय बागान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
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